Madhepura: शहर में मॉडल बस स्टैंड, फिर भी पूराने स्टैंड की कुव्यवस्था झेलने को विवश है यात्री, सड़क पर लगता है जाम - The Ujala Times News
ब्रेकिंग न्यूज़

Madhepura: शहर में मॉडल बस स्टैंड, फिर भी पूराने स्टैंड की कुव्यवस्था झेलने को विवश है यात्री, सड़क पर लगता है जाम

  • अपने निर्माण पर आंसू बहा रहा चार करोड़ की राशि से कोसी-सीमांचल इलाके में बना पहला मॉडल बस स्टैंड- यात्री पुराने बस स्टैंड से पकड़ रहे है बस व ऑटो –

जिला मुख्यालय स्थित पश्चिमी बाईपास रोड में मॉडल बस स्टैंड बन कर तैयार है. इसके बावजूद बसों का परिचालन सुचारू रूप से नये स्टैंड में नहीं हो रहा है. नगर परिषद क्षेत्र के बायपास में वुडको द्वारा लगभग चार करोड़ की राशि से कोसी-सीमांचल इलाके में पहला मॉडल बस स्टैंड लोगों को सुविधा देने के बजाय अपने निर्माण पर आंसू बहा रहा है. नतीजतन स्थानीय बस चालक व यात्री पूराने बस स्टैंड से ही परिचालन को विवश है. नव निर्मित बस स्टैंड में यात्रियों के सुविधा के लिए कई प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध है. जबकि पुराने स्टैंड पर यात्रियों को पेयजल, शौचालय, यूरिनल सहित गंदगी से दो चार होना पड़ता है. बारिश के दिनों में बस स्टैंड पर जलजमाव की समस्या भी परेशान करती है. पुराने बस स्टैंड के समीप सुपौल की ओर, सहरसा की ओर एवं पूर्णिया की ओर जाने वाली सड़क पर बस, ऑटो, सवारी गाड़ी का खड़ी रहती है. इससे प्रतिदिन घंटों जाम लगता है. हालांकि नये बस स्टैंड बनने के बाद पुराने बस स्टैंड के समीप वाहनों का लगाना मना है लेकिन वाहन चालकों की मनमानी के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

  • पुराने बस स्टैंड की स्थिति है बद से बदतर –
    पुरानी बस स्टैंड की स्थिति बद से बदतर बस स्टैंड परिसर में ही कचरों का अंबार लगा हुआ है. पुराने बस स्टैंड में सुविधा का अभाव, परिसर में फैली हुई गंदगी, जलजमाव एवं अन्य कुव्यवस्थाओं को यात्री झेल रहे है. आखिरकार जब वाहनों का परिचालन जब तक नये बस स्टैंड नहीं करवाया जायेगा तब तक लोगों को काफी परेशानी होती. वहीं स्टैंड परिसर के आसपास के दुकानदारों एवं आवासीय घर के द्वारा सारा कचरा बस स्टैंड परिसर में ही फेंका जाता है.
  • वेटिंग जोन में यात्रियों के लिए लगा हुआ है स्टील चैयर –
    बस स्टैंड के दक्षिणी भाग में वेटिंग जोन यानि प्रतिक्षालय का निर्माण कराया गया है. प्रतिक्षालय में स्टील चैयर लगाये गये हैं. यात्री बस स्टैंड में बस का इंतजार कर सकते है. छत में पंखा व प्रकाश की भी बेहतर व्यवस्था की गई है. इसके अलावा प्रतिक्षालय में बैठने के अलावा लगेज रखने के लिए भी पर्याप्त जगह का प्रावधान किया गया है. जो अब बसों एवं यात्रियों कि आस देखते-देखते बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गई है.
  • स्टॉल व मार्केट का हुआ निर्माण –
    बस स्टैंड के अंदर बने वेटिंग एरिया में दो वेंडिंग जोन का निर्माण कराया गया है. वेंडिंग जोन में फास्ट फूड के अलावा टी-स्टॉल व जन उपयोगी चीजों की बिक्री की जायेगी. इसके अलावा पूरब दिशा में छोटे स्तर का मार्केट कांप्लेक्स का निर्माण हुआ हैं. जिसमें रोजमर्रे की चीजों की उपलब्धता रहेगी.
  • पेयजल के लिए आरओ प्लांट –
    यात्रियों को पेयजल की सुविधा मुहैया कराने के लिए परिसर में ही जलमिनार का निर्माण कराया गया हैं. जलमिनार के अलावा पंप हाउस का निर्माण भी कराया गया है. इसके अलावा प्रतिक्षालय के पीछे पेयजल सहित अन्य कार्य के लिए दस बेसिन का प्रावधान है. जिसका उपयोग यात्रियों के लिये नि:शुल्क है.
  • आठ शौचालय का हुआ है निर्माण –
    बस स्टैंड परिसर में आठ शौचालय का निर्माण कराया गया है. जिसमें पांच महिला व तीन पुरूषों के लिए है. इसके अलावा यूरिनल की भी व्यवस्था की गयी है. मुख्य द्वार का निर्माण भी भव्य रूप से किया गया है. परिसर के चारों तरफ बाउंड्री एवं उसके ऊपर ग्रील का काम भी पूरा हो चुका है. जो अब झरने के कगार पर है. साथ ही बस स्टैंड के आसपास रहने वाले लोगों द्वारा परिसर के अंदर कचरा फैलाया जा रहा है.
  • दस प्लेटफार्म व रैंप का हुआ निर्माण –
    बस स्टैंड में दस प्लेटफार्म व रैंप का निर्माण कराया गया है. रैंप व प्लेटफार्म की बनावट में भी यात्री हित का ख्याल रखा गया है. शेड के अंदर से बस के दरवाजे तक पहुंचने की व्यवस्था की गयी हैं. इस व्यवस्था के तहत यात्री प्लेटफार्म नंबर के जरिए आसानी से अपने बस तक पहुंच सकते हैं. रैंप के जरिए दिव्यांग यात्री भी आसानी से बगैर किसी का मदद लिए बस तक पहुंच सकते हैं. प्लेटफार्म को यात्रियों के प्रतिक्षालय से जोड़ दिया गया है.
    .गौरतलब है कि बस स्टैंड का टेंडर भी पास हो जाने के बावजूद भी सभी बस यहां से नही खुलती है. वही कार्यपालक पदाधिकारी अजय कुमार ने बताया कि टेंडर के लिए चार लाख 46 हजार की राशि रखी गयी थी. जिसे शहर के निवासी आभास झा के द्वारा टेंडर लिया गया है. उन्होंने बताया कि इस परिसर में दुकान बाजार, कैंटीन, स्थाई दुकान का रखरखाव व शुल्क वसूलने का अधिकार नगर परिषद का होगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button