कुमारखंड(मधेपुरा)प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में 23 अगस्त, 2023 को चंद्रमा की सतह पर ‘विक्रम’ लैंडर के सफलतापूर्वक उतरने की याद में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाया गया|इस आवसर पर उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय रघुनिया समेत मध्य विद्यालय कुमारखंड,मध्य विद्यालय धोडदौल समेत अन्य विद्यालयों में अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी में भारत की प्रगति के ऐतिहासिक उपलब्धि का सम्मान करने के लिए राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के तौर पर मनाया गया|इस अवसर पर छात्र छात्राओं को चंद्रमा को छूते हुए जीवन को छूना विषय पर जानकारी दी गई और भारत की अंतरिक्ष गाथा,अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत की असाधारण यात्रा और समाज पर इसके प्रभाव के सम्बन्ध में जानकारी दी गई|मौके पर प्रधानाचार्य श्रवण कुमार मंडल ने कहा कि आज ही के दिन इसरो के चंद्रयान-3 ने इतिहास रचा था|चंद्रयान-3 की सफलता का पहला साल पूरा हो गया है और इस उपलक्ष्य में देश में पहला राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाया जा रहा है|वहीँ प्रारंभिक शिक्षक संघ प्रखंड अध्यक्ष संजय कुमार संजीव ने कहा कि भारत सरकार ने 1962 में डॉक्टर साराभाई की दूरदर्शिता पर भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान समिति(इन्कोस्पार)की स्थापना की थी|15 अगस्त 1969 को इन्कोस्पार की जगह इसरो का गठन किया गया|इसरो ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने के लिए एक विस्तारित भूमिका निभाई|मौके पर विद्यालय परिवार के संतोष कुमार भारती,आयुष राज,प्रभाष कुमार, महेन्द्र कुमार,शैलेश कुमार,गौरव कुमार,शौरव कुमार,किरण कुमारी,निशा कुमारी,रिंकू कुमारी, अन्नु कुमारी, उपेंद्र कुमार शर्मा, प्रदीप कुमार,राहुल कुमार आदि मौजूद थे|