महाकुंभ में 60 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पहुंच कर रिकॉर्ड बना डाला। लेकिन इसमें कई ऐसे लोग रहे, जो घर नहीं लौट पाए। महाकुंभ के 43 दिन में 100 से ज्यादा रोड एक्सीडेंट में 150 लोगों की मौत

महाकुंभ में 60 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पहुंच कर रिकॉर्ड बना डाला। लेकिन इसमें कई ऐसे लोग रहे, जो घर नहीं लौट पाए। महाकुंभ के 43 दिन में 100 से ज्यादा रोड एक्सीडेंट में 150 लोगों की मौत हो गई।हादसों में 385 लोग घायल हुए हैं। इनमें से कई लोगों को अब अपंग जैसी जिंदगी जीनी पड़ेगी। सबसे ज्यादा एक्सीडेंट राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर हुए। दिल्ली से वाया आगरा-कानपुर-प्रयागराज-वाराणसी होते हुए कोलकाता को जोड़ने वाले इस नेशनल हाईवे पर 40 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। सबसे बड़ा एक्सीडेंट प्रयागराज-मिर्जापुर रोड पर हुआ, जिसमें 10 लोगों की मौत हुई और 19 लोग घायल हो गए। एक्सीडेंट की बड़ी वजह क्या रही? आखिर एनएच-2 पर सबसे ज्यादा हादसे क्यों हो रहे हैं? पढ़िए ये रिपोर्ट…

प्रयागराज महाकुंभ 13 जनवरी से शुरू हुआ था, जो महाशिवरात्रि (कल) तक चलेगा। अभी इस आयोजन के समापन में दो दिन बाकी हैं। 43 दिनों में ही 60 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं का आंकड़ा पार हो गया। यानी औसतन रोज करीब डेढ़ करोड़ लोग त्रिवेणी में स्नान करने पहुंचे। इसमें ज्यादातर लोग सड़क मार्ग से पहुंच रहे हैं।
प्रयागराज को जोड़ने वाले 6 प्रमुख मार्गों पर हो रहे हादसे
प्रयागराज को 6 प्रमुख मार्ग, देश के दूसरे शहरों और राज्यों से जोड़ते हैं। प्रयागराज-वाराणसी हाईवे आगे बिहार, झारखंड होते हुए कोलकाता तक जाता है। वहीं, प्रयागराज से कौशांबी, फतेहपुर, कानपुर होते हुए यही हाईवे वाया आगरा-मथुरा होकर दिल्ली को जोड़ता है।

43 दिनों में अकेले इस हाईवे पर 40 लाेगाें की मौत हुई। इनमें प्रयागराज से कानपुर हाईवे पर 14, तो प्रयागराज-वाराणसी हाईवे पर 15 लोगों की मौत शामिल है। अन्य मौतें इसी हाईवे पर आगे के जिलों और प्रदेशों में हुई हैं।
प्रयागराज-मिर्जापुर स्टेट हाईवे पर 15 फरवरी को छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं की बोलेरो और मध्यप्रदेश के राजगढ़ जा रही श्रद्धालुओं की बस टकरा गईं। इस हादसे में बोलेरो में सवार सभी 10 लोगों की मौत हो गई। वहीं, बस में सवार 19 लोग घायल हो गए। हादसे के बाद 4 घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। बोलेरो में कोरबा जिले के लोग सवार थे। वे महाकुंभ स्नान करने आ रहे थे।

1- ड्राइवरों की थकान और पर्याप्त नींद न होना : श्रद्धालुओं में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की रही, जो सड़क मार्ग से संगम स्नान करने पहुंचे। इसका नतीजा ये निकला कि प्रयागराज को जाने वाले ज्यादातर मार्गों पर श्रद्धालुओं को लंबे जाम में 7 से 9 घंटे तक फंसना पड़ा। इसे बाद जब वे जाम से निकलते, तो थक कर चूर हो चुके होते थे। इसीलिए ज्यादातर हादसे लंबी दूरी तय करने वाले वाहनों के हुए। ड्राइवरों की अत्यधिक थकान, घंटों तक ट्रैफिक जाम में फंसने से मानसिक तनाव और रात में सफर के दौरान वे झपकी आने से नियंत्रण खो दे रहे हैं।
2- तेज रफ्तार : प्रयागराज को जोड़ने वाले सभी प्रमुख हाईवे फोर-लेन या सिक्स-लेन के हैं। अच्छी सड़क के चलते ड्राइवर तेज रफ्तार में वाहन चलाते हैं। इस दौरान एक छोटी-सी भी नींद की झपकी या चूक हादसे की वजह बन जाती है।22 फरवरी को इस तरह का हादसा प्रयागराज-कानपुर हाईवे पर दिखा। फतेहपुर में भारतपुर मोड़ पर राजस्थान के धौलपुर जिले के श्रद्धालुओं को लेकर जा रही पिकअप कुछ देर के लिए रुकी।श्रद्धालु वाहन से उतर कर सड़क पर खड़े थे। तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने 7 लोगों को कुचल दिया। इस हादसे में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं 4 लोग घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ड्राइवर ने कार को रोकने के लिए ब्रेक भी लगाया था। लेकिन, रफ्तार इतनी तेज थी कि वह गाड़ी रोक नहीं पाया।

13 जनवरी से अब तक हुए एक्सीडेंट
24 फरवरी : प्रयागराज-रीवा हाईवे पर कर्नाटक के बेलगावी के श्रद्धालुओं की जीप डिवाइडर के पेड़ से टकरा कर दूसरे लेन पर बस से भिड़ गई। हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई, 2 घायल हो गए।
24 फरवरी : यमुना एक्सप्रेस-वे पर महाकुंभ जा रहे सहारनपुर के श्रद्धालुओं की कार का एक्सीडेंट हो गया। हादसे में दंपती सहित 3 की मौत हो गई, 10 लोग घायल हो गए।
23 फरवरी : प्रयागराज-मिर्जापुर रोड पर तुलसी गांव स्थित ढाबा के पास तेलंगाना के श्रद्धालुओं का वाहन रोड पर खड़े ट्रक में घुस गया। हादसे में 4 की मौत हो गई, 3 लोग घायल हो गए।
22 फरवरी : प्रयागराज से लौट रहे श्रद्धालुओं का वाहन झारखंड के धनबाद में एक ट्रक से टकरा गया। पीछे से एक और कार भी आ टकराई। हादसे में दोनों कार में सवार 6 लोगों की मौत हो गई। 2 गंभीर रूप से घायल हो गए। 22 फरवरी : प्रयागराज से लौट रहे श्रद्धालुओं का वाहन झारखंड के धनबाद में एक ट्रक से टकरा गया। पीछे से एक और कार भी आ टकराई। हादसे में दोनों कार में सवार 6 लोगों की मौत हो गई। 2 गंभीर रूप से घायल हो गए।
22 फरवरी : प्रयागराज-कानपुर हाईवे पर फतेहपुर जिले के भारतपुर मोड़ पर 3 हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई। जबकि 24 लोग घायल हुए।
- मोड़ पर खड़े ट्रेलर से एक कार टकरा गई। कार में राजस्थान का परिवार था। पति की मौत हो गई। पत्नी, भाई, भाभी समेत 6 लोग घायल हो गए।
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प्रयागराज जाने वाली लेन पर एक कार पीछे से बस में घुस गई। हादसे में कार ड्राइव करने वाले की मौत हो गई। वहीं उसकी पत्नी, बेटा सहित 3 लोग घायल हो गए।
: राजस्थान के धौलपुर जिले के श्रद्धालुओं की पिकअप कार से उतरे 7 लोगों को भारतपुर मोड़ एक कार ने टक्कर मार दी। इसमें 3 की मौत हो गई, 4 लोग घायल हो गए।
21 फरवरी : वाराणसी-प्रयागराज रोड पर कर्नाटक के श्रद्धालुओं
की क्रूजर जीप खड़े ट्रक से टकरा गई। हादसे में दंपती सहित 6 की मौत हो गई। महिला का सिर कटकर गिर गया था। हादसे में 5 घायल हुए थे। एक्सीडेंट ड्राइवर को झपकी आने से हुआ था।
