मधेपुरा : जंग लगी सड़कों पर फर्राटे से दौड़ रही जुगाड़ गाड़ी

मधेपुरा / बिहार न रजिस्ट्रेशन न इंश्योरेंस,अनुमंडल की सड़कों पर बेखौफ दौर रही जुगाड़ गाड़ी.केरोसिन व डीजल से चल रहा जुगाड़ वाहन पूरे वातावरण को प्रदूषित कर रहा है और यहां कार्बन डाइ ऑक्साइड की मात्रा बढ़ती जा रही है. जबकि पटना उच्च न्यायालय ने जुगाड़ वाहन के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. बावजूद इसके जिला मुख्यालय की सड़क से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बेधड़क जुगाड़ गाड़ी का परिचालन हो रहा है.
मुख्यालय सहित अन्य में जुगाड़ वाहन बेलगाम :
जुगाड़ वाहन के परिचालन पर भले ही उच्च न्यायालय द्वारा रोक लगा दी गयी हो किंतु शहर के विभिन्न सड़कों पर जुगाड़ वाहन पूरी तरह से बेलगाम है़।
मुख्यालय हो या ग्रामीण सड़क पर जुगाड़ वाहन बेरोक-टोक फर्राटे भर रहा है़.इतना ही नही थाना के सामने से होकर जुगाड़ वाहन गुजरता है. बावजूद थाना पुलिस उस पर रोक लगाने के बदले मूक-दर्शक बनी हुई है.
सरकारी राजस्व की क्षति, बढ़ रहा प्रदूषण :
एक तो इस वाहन का उपयोग व्यावसायिक कार्यों के लिए किया जा रहा है,साथ ही उस पर अत्यधिक ओवर लोडिंग भी की जा रही है़. इससे सरकारी राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है़.अवैध जुगाड़ वाहन के परिचालन से वैध व्यावसायिक वाहनों के संचालकों का भी धंधा ठप पड़ गया है,जिस वाहन के परिचालन के एवज में नियमित टैक्स का भी भुगतान करना पड़ता है़. इतना ही नहीं जुगाड़ वाहन के परिचालन से वायु प्रदूषण में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है़.इससे आम जनों को हृदय व फेफड़े संबंधी बीमारियों का शिकार होना पड़ रहा है़.
जर्जर सड़कों पर भी फर्राटे से दौरती जुगाड़ गाड़ :
शहर के पश्चिमी बायपास एनएच 107 गुजरती हैं, वहीं छोटी-बड़ी सड़कों का जाल भी बिछा हुआ है.एनएच 106 व 107 जहां शहरी क्षेत्र के बीच-बीच में दम तोड़ती नजर आती है. वहीं एचएस 58 सड़क पर भी बेलगाम दौड़ती है.
जुगाड़ गाड़ी सबसे अगाड़ी :
सड़कों से लेकर एनएच 106 पर ‘जुगाड़ वाहन’ का साम्राज्य कायम है। मुख्यालय की सड़कों पर भी जुगाड़ सरपट दौड़ती रहती है.जुगाड़ जब रफ्तार पकड़ती है तो परिवहन नियमों की परवाह नहीं करती.न जांच-पड़ताल की झंझट और न नियम-कानून का डर अर्थात ‘जुगाड़ टेक्नोलॉजी’ से चलने वाला जुगाड़ गाड़ी.बताया जाता है कि जुगाड़ गाड़ी से बराबर कहीं न कहीं दुर्घटना की खबर आती रहती है. कभी-कभी भयावह हादसा घटित होता है.
कब पलट जाए जुगाड़ गाड़ी भरोसा नही :
कहते हैं सामाजिक कार्यकर्ता :
सामाजिक कार्यकर्ता ध्यानी यादव ने कहा कि सिस्टम के अभाव में ज्यादा दुर्घटनाएं घटती है। नशे में गाड़ी चलाने, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल से बात करने, गाना सुनने आदि के कारण भी सड़क हादसे होते हैं. जागरुकता कार्यक्रम के सहारे सड़क दुर्घटना में कमी लाई जा सकती है.
