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दुर्गा अष्टमी और कन्या पूजन की सही तिथि को लेकर संशय दूर: 19 अक्टूबर को ही मनेगी अष्टमी और नवमी, जानें कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त

विशेष रिपोर्ट:
इस वर्ष दुर्गा पूजा और नवरात्र के दौरान अष्टमी तिथि तथा कन्या पूजन की तारीख को लेकर श्रद्धालुओं में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कई कैलेंडरों और सूचियों में दी गई गलत तिथियों के कारण लोग असमंजस में हैं। हालांकि, पंचांग और शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार इस वर्ष दुर्गा अष्टमी और नवमी तिथि एक ही दिन यानी 19 अक्टूबर (सोमवार) को मनाई जाएगी।
पंचांग के अनुसार तिथियों का गणित
- 18 अक्टूबर को सप्तमी का प्रभाव: 18 अक्टूबर की सुबह सूर्योदय के समय सप्तमी तिथि रहेगी। यद्यपि अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे के बाद प्रारंभ हो रही है, परंतु उदयातिथि (सूर्योदय कालीन तिथि) के नियमानुसार दुर्गा अष्टमी 19 अक्टूबर को ही मानी जाएगी।
- 19 अक्टूबर को अष्टमी और नवमी का संयोग: 19 अक्टूबर सोमवार को सुबह 10:51 बजे तक अष्टमी तिथि रहेगी। इसके तुरंत बाद नवमी तिथि की शुरुआत हो जाएगी।
- एक ही दिन तीनों विधान: इस बार अष्टमी, संधि पूजा और नवमी तिथि का अद्भुत संयोग 19 अक्टूबर को ही बन रहा है।
कन्या पूजन का सबसे शुभ मुहूर्त
शास्त्रों में उदयातिथि और शुभ मुहूर्त में कन्या पूजन का विशेष महत्व बताया गया है:
- अष्टमी पूजन करने वालों के लिए: जो श्रद्धालु अपने घर में अष्टमी तिथि के दिन कन्या पूजन और हवन करते हैं, वे 19 अक्टूबर (सोमवार) की सुबह 10:51 बजे से पूर्व कन्या पूजन संपन्न कर लें।
- नवमी पूजन करने वालों के लिए: जिन परिवारों में नवमी के दिन कन्या खिलाने की परंपरा है, वे 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे के बाद नवमी तिथि में कन्या पूजन कर सकते हैं।
