पानी टंकी चौक पर बिजली का तार गिरने से चार घरों में लगी आग, चार परिवारों का आशियाना जलकर राख - The Ujala Times News
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पानी टंकी चौक पर बिजली का तार गिरने से चार घरों में लगी आग, चार परिवारों का आशियाना जलकर राख

अमन श्रीवास्तव
The ujala times news

CEO

शहर के पानी टंकी चौक स्थित सरकारी जमीन पर करीब 40 वर्षों से घर बनाकर रह रहे चार परिवारों के आशियाने आग की भेंट चढ़ गये. बिजली का तार गिरने के बाद आग लगने की बात सामने आ रही है. देखते ही देखते आग ने आसपास के चार घरों को अपनी चपेट में ले लिया. घटना में घरों में रखा कपड़ा, अनाज, बर्तन, फर्नीचर और अन्य घरेलू सामान जलकर राख हो गया. इस दौरान एक गैस सिलेंडर के ब्लास्ट होने की भी बात स्थानीय लोगों ने बतायी.
घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गयी. आसपास के लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तेज लपटों के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया. सूचना मिलने के बाद दमकल की एक छोटी गाड़ी और दो बड़ी दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं.दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित किया. आग से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन अभी नहीं हो सका है.

बिजली का तार गिरने के बाद लगी आग—-

स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के समय अचानक बिजली का तार गिरा. इसके बाद वहां आग की लपटें दिखाई देने लगीं.शुरुआत में आग सीमित थी, लेकिन आसपास बने घरों के कारण आग तेजी से फैल गयी. देखते ही देखते चार घर इसकी चपेट में आ गये.परिजनों के अनुसार, आग लगने की शुरुआती जानकारी मिलने पर दमकल विभाग को फोन कर सूचना दी गयी थी.स्थानीय लोगों का कहना है कि दमकल की टीम के पहुंचने से पहले आग काफी फैल चुकी थी. हालांकि दमकल की टीम को सूचना कब मिली और मौके पर पहुंचने में कितना समय लगा, इसकी आधिकारिक जानकारी बताया गया कि जैसे ही कॉल गया.एक दमकल की गाड़ी को भेज दिया गया.

तीन दमकल गाड़ियों ने संभाला मोर्चा—-

आग की सूचना मिलने के बाद दमकल की टीम घटनास्थल पर पहुंची.एक छोटी और दो बड़ी दमकल गाड़ियों की मदद से आग बुझाने का काम शुरू किया गया.दमकल कर्मियों ने पानी की बौछार कर आग को नियंत्रित करने का प्रयास किया.आग की तीव्रता को देखते हुए आसपास के लोगों को भी सुरक्षित स्थान पर हटाया गया.स्थानीय लोगों के मुताबिक, आग फैलने के कारण दमकल कर्मियों को आग बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी. टीम ने आग को आसपास के अन्य हिस्सों में फैलने से रोकने का भी प्रयास किया.काफी प्रयास के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका.

सिलेंडर ब्लास्ट से मची अफरातफरी हालाँकि किसी तरह की जान माल की नहीं हुआ नुकसान लेकिन परिवार के लोग का कपड़ा भी नहीं बचा

आग के दौरान एक गैस सिलेंडर के ब्लास्ट होने की बात भी सामने आयी है. स्थानीय लोगों के अनुसार, सिलेंडर फटने की आवाज के बाद मौके पर मौजूद लोगों में कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गयी.हालांकि इस घटना में किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है.
आग बुझने के बाद प्रभावित घरों में सिर्फ जला हुआ सामान और मलबा बचा था. परिवार के सदस्यों ने बताया कि वे घर से बहुत कम सामान निकाल सके. आग इतनी तेजी से फैली कि जरूरी सामान और घरेलू सामग्री निकालने का पर्याप्त समय नहीं मिला.

करीब 40 वर्षों से रह रहे थे चार परिवार

स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रभावित चारों परिवार करीब 40 वर्षों से सरकारी जमीन पर घर बनाकर रह रहे थे. इन परिवारों की आर्थिक स्थिति कमजोर बतायी जा रही है. परिवार के पुरुष सदस्य मजदूरी कर अपना और परिवार का भरण-पोषण करते हैं.वहीं घर की महिलाएं भी आसपास के घरों में घरेलू काम कर परिवार की आय में सहयोग करती हैं.जिनमें राजा महतो,विकास महतो,छोटू महतो,सूरज महतो यह सब के परिवार सहित रहते थे.

आग में घर के साथ परिवारों की रोजमर्रा की जरूरतों का सामान भी जल गया. पीड़ित परिवारों के अनुसार, कपड़े, बर्तन, अनाज, बच्चों के सामान और अन्य घरेलू सामग्री आग में नष्ट हो गयी. कुछ परिवारों के जरूरी कागजात भी जलने की बात कही जा रही है.

आग के बाद परिवारों के सामने रहने का संकट—

घटना के बाद प्रभावित परिवारों के सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने की चुनौती खड़ी हो गयी है. मजदूरी कर जीवन-यापन करने वाले इन परिवारों के लिए एक साथ घर और घरेलू सामान का नुकसान बड़ी परेशानी का कारण बन गया है.पीड़ित परिवार की महिलाओं ने बताया कि वे दूसरे लोगों के घरों में काम करती हैं. इसी आमदनी से परिवार के कई खर्च पूरे होते थे.अब घर में रखा सामान और रहने की जगह दोनों प्रभावित होने के कारण परिवार को आगे की चिंता सता रही है.

दमकल पहुंचने को लेकर स्थानीय लोगों ने रखी अपनी बात—–

घटना के बाद कुछ स्थानीय लोगों ने दमकल की टीम के पहुंचने के समय को लेकर अपनी बात रखी. उनका कहना था कि आग की शुरुआत में ही सूचना देने का प्रयास किया गया था.लोगों के अनुसार, यदि आग के शुरुआती दौर में ही दमकल की टीम पहुंचती तो नुकसान कम हो सकता था.

हालांकि यह स्थानीय लोगों का दावा है.दमकल विभाग की ओर से इस संबंध में आधिकारिक तौर पर क्या जानकारी दी जाती है, यह स्पष्ट होना बाकी है.दमकल टीम के घटनास्थल पर पहुंचने का वास्तविक समय और सूचना मिलने के समय की जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी.

बिजली व्यवस्था की जांच की मांग—-

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने क्षेत्र की बिजली व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है.लोगों का कहना है कि घनी आबादी वाले इलाके में बिजली के तार और पोल की नियमित जांच जरूरी है. उनका कहना है कि बिजली का तार गिरने जैसी घटनाओं से लोगों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है.स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग से इलाके में लगे तारों और पोल की स्थिति की जांच कराने तथा आवश्यकता के अनुसार मरम्मत कराने की मांग की है. हालांकि आग लगने का वास्तविक कारण बिजली का तार गिरना ही था या इसके साथ कोई अन्य कारण भी रहा यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.

प्रशासन से राहत की उम्मीद—-

आग से प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से राहत और सहायता की मांग की है. परिवारों का कहना है कि आग में उनका रहने का ठिकाना और घरेलू सामान नष्ट हो गया है. ऐसे में तत्काल भोजन, कपड़े और अस्थायी आवास जैसी मदद की आवश्यकता है.

स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से पीड़ित परिवारों की स्थिति का आकलन कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि प्रभावित परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं और मजदूरी कर अपना जीवन चलाते हैं. ऐसे में आग से हुए नुकसान के बाद उन्हें दोबारा सामान्य जीवन शुरू करने में परेशानी हो सकती है.फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है.घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.आग से चार घरों को नुकसान पहुंचा है.बिजली का तार गिरने से आग लगने की आशंका जतायी जा रही है. घटना के वास्तविक कारण और नुकसान का आकलन संबंधित स्तर पर जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा.

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