कोसी के सपनों को लगी पंख: 78 करोड़ के मास्टर प्लान से संवरेगा सहरसा एयरपोर्ट, ₹42.52 करोड़ का टेंडर जारी

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सहरसा (विशेष प्रतिनिधि): कोसी वासियों का दशकों पुराना हवाई सेवा का सपना अब साकार होने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। केंद्र सरकार की ‘उड़ान’ (UDAN) योजना के तहत सहरसा हवाई अड्डे को एक आधुनिक क्षेत्रीय हवाई अड्डे (कोड-2बी श्रेणी) के रूप में विकसित किया जा रहा है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने हवाई अड्डे के रनवे और संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण व उन्नयन के लिए ₹42.52 करोड़ की निविदा (टेंडर) जारी कर दी है।
कुल ₹78 करोड़ की लागत वाली इस समग्र विकास परियोजना के तहत हवाई सेवा के लिए आधारभूत ढांचा तैयार किया जाएगा।
🛠️ परियोजना की प्रमुख विशेषताएँ:
- रनवे का विस्तार: हवाई अड्डे पर 1,000 मीटर लंबा और 30 मीटर चौड़ा नया रनवे तैयार किया जाएगा, जिसकी पूरी स्ट्रिप 1,120 मीटर की होगी।
- दो एप्रन और टैक्सीवे: एक समय में 20 सीट वाले दो क्षेत्रीय विमानों को खड़ा करने के लिए दो एप्रन और लिंक टैक्सीवे का निर्माण होगा।
- समय सीमा: निविदा प्रक्रिया अक्टूबर 2026 तक पूरी कर ली जाएगी और चयनित एजेंसी को 15 महीने (450 दिन) के भीतर निर्माण कार्य पूरा करना होगा।
- ज़मीन अधिग्रहण: वर्तमान 60 एकड़ भूमि के अतिरिक्त 15 एकड़ और ज़मीन की आवश्यकता है, जिसमें से 12 एकड़ ज़मीन बिहार सरकार द्वारा ₹147 करोड़ खर्च कर उपलब्ध कराई जा रही है।
💼 कोसी क्षेत्र पर प्रभाव: मखाना व व्यापार को मिलेगा नया बाज़ार
सहरसा से हवाई सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों को अब दरभंगा, पूर्णिया या पटना पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। साथ ही, स्थानीय स्तर पर मखाना, मछली उत्पादन और कृषि से जुड़े व्यापार को राष्ट्रीय स्तर पर सीधी पहुंच मिलेगी, जिससे पर्यटन और रोजगार के नए अवसर बनेंगे।
“सहरसा हवाई अड्डे का विकास पूरे कोसी क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक कायाकल्प में एक मील का पत्थर साबित होगा।”
